अतिथि शिक्षक का दर्द: वेतन न मिलने से आर्थिक तंगी, पद से दिया इस्तीफा
सीधी। शिक्षा विभाग में अतिथि शिक्षकों की उपेक्षा का एक और मामला सामने आया है। जिले के शासकीय हाई स्कूल चिलरी कला में पदस्थ अतिथि शिक्षक (वर्ग-2, अंग्रेजी) राज बहोर कोटारे ने आर्थिक तंगी और लम्बे समय से वेतन न मिलने के कारण पद से इस्तीफा दे दिया है।
राज बहोर कोटारे का आरोप है कि सत्र 2024-25 में जुलाई से कार्यरत रहने के बावजूद अक्टूबर माह के बाद से अब तक उन्हें मानदेय का भुगतान नहीं किया गया। उन्होंने बताया कि कई बार संयुक्त संचालक, जिला शिक्षा अधिकारी और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों से आवेदन देने के बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ।
पत्र में उन्होंने स्पष्ट लिखा है कि बिना वेतन के लंबे समय तक काम करने के कारण उनका आर्थिक संकट गहरा गया है, और अब मजबूरी में उन्हें अतिथि शिक्षक पद से त्यागपत्र देना पड़ रहा है।
यह मामला न केवल विभागीय लापरवाही को उजागर करता है, बल्कि उन सैकड़ों अतिथि शिक्षकों की स्थिति को भी सामने लाता है जो न्यूनतम मानदेय पर शिक्षा व्यवस्था को सहारा दे रहे हैं, लेकिन समय पर भुगतान न मिलने से आर्थिक परेशानियों से जूझ रहे हैं।
स्थानीय शिक्षकों का कहना है कि अतिथि शिक्षक शिक्षा व्यवस्था की रीढ़ हैं, और यदि विभाग ने समय पर उनका मानदेय भुगतान नहीं किया तो स्कूलों में शिक्षण व्यवस्था प्रभावित होगी। अब देखना है कि शिक्षा विभाग इस इस्तीफे को लेकर क्या कदम उठाता है।








