प्रदेश में सुरक्षा और सेवा का नया युग: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज करेंगे डायल-112 का शुभारंभ
भोपाल, 14 अगस्त 2025। मध्यप्रदेश में नागरिक सुरक्षा और आपातकालीन सेवाओं के इतिहास में आज एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव दोपहर 12:20 बजे कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर, भोपाल में प्रदेश की एकीकृत आपातकालीन प्रतिक्रिया सेवा डायल-112 का औपचारिक शुभारंभ करेंगे। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक संजीव शमी सहित राज्य पुलिस एवं अन्य आपातकालीन सेवाओं के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहेंगे।
डायल-100 से डायल-112 तक की यात्रा
वर्ष 2015 में शुरू हुई डायल-100 सेवा ने पिछले 10 वर्षों में 8.99 करोड़ से अधिक कॉल्स प्राप्त कर करोड़ों नागरिकों को समय पर सहायता प्रदान की। महिला सुरक्षा, सड़क दुर्घटनाओं में राहत, वरिष्ठ नागरिकों की मदद, लापता बच्चों की खोज और आत्महत्या रोकथाम जैसे संवेदनशील मामलों में इस सेवा ने अमूल्य योगदान दिया।
अब डायल-112 इस गौरवशाली विरासत को और आगे बढ़ाते हुए सभी आपातकालीन सेवाओं को एक ही नंबर में समाहित कर रहा है, जिससे जनता को त्वरित और एकीकृत सहायता मिलेगी।
एक नंबर – अनेक सेवाएं
डायल-112 के माध्यम से अब नागरिक निम्नलिखित सेवाओं का लाभ एक ही कॉल पर ले सकेंगे:
- पुलिस सहायता – 100
- स्वास्थ्य / एम्बुलेंस सेवा – 108
- अग्निशमन सेवा – 101
- महिला हेल्पलाइन – 1090
- साइबर क्राइम हेल्पलाइन – 1930
- रेल मदद – 139
- हाईवे एक्सीडेंट रिस्पॉन्स – 1099
- प्राकृतिक आपदा सहायता – 1079
- महिला एवं चाइल्ड हेल्पलाइन – 181, 1098
तकनीक से होगा काम और तेज
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (रेडियो/दूरसंचार) संजीव शमी के अनुसार, डायल-112 को नवीनतम तकनीकों से सुसज्जित किया गया है, जिनमें डेटा एनालिटिक्स, रियल-टाइम लोकेशन ट्रैकिंग, IoT, फ्लीट मैनेजमेंट और उन्नत कॉल सेंटर समाधान शामिल हैं।
- हर शिफ्ट में 100 एजेंट की क्षमता वाला नया कॉन्टैक्ट सेंटर और 40 सीटों का डिस्पैच यूनिट स्थापित किया गया है।
- PRI लाइन से SIP ट्रंक लाइन पर माइग्रेशन से कॉल रिस्पॉन्स समय में कमी आएगी।
- नंबर मास्किंग तकनीक से कॉल करने वाले की गोपनीयता सुरक्षित रहेगी।
- BI और MIS रिपोर्टिंग टूल्स से आपात स्थितियों के बेहतर विश्लेषण और प्रबंधन की सुविधा होगी।
- मोबाइल ऐप, चैटबॉट और बॉडी-वॉर्न कैमरे जैसे उपकरण फील्ड स्टाफ को और सक्षम बनाएंगे।
डायल-100 की उपलब्धियां (2015–2025)
- महिला सुरक्षा सहायता – 19,71,396 मामले
- सड़क दुर्घटना सहायता – 12,48,621 मामले
- वरिष्ठ नागरिकों की मदद – 2,23,288 मामले
- लापता बच्चों की खोज – 27,112 मामले
- आत्महत्या/अवसाद से जुड़े मामलों में मदद – 2,64,347 मामले
- नवजात शिशु बचाव – 1,300 मामले
प्रदेशवासियों को मिलेगा लाभ
डायल-112 के शुभारंभ से ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों में आपातकालीन सेवाएं तेज, भरोसेमंद और एकीकृत रूप में उपलब्ध होंगी। नागरिक अब केवल 112 डायल कर किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में तुरंत सहायता प्राप्त कर सकेंगे।
सरकार का संकल्प
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि डायल-112 न केवल एक हेल्पलाइन नंबर है, बल्कि यह सरकार के उस संकल्प का प्रतीक है, जिसके तहत हर नागरिक की सुरक्षा, सम्मान और जीवन की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है।








