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जंगली हाथियों का कहर — तीन ग्रामीणों को कुचला, पत्नी के सामने पति की दर्दनाक मौत

जंगली हाथियों का कहर — तीन ग्रामीणों को कुचला, पत्नी के सामने पति की दर्दनाक मौत

शहडोल, मध्यप्रदेश।
जिले के ब्यौहारी वन परिक्षेत्र में सोमवार का दिन भयावह बन गया, जब जंगल में भटकते जंगली हाथियों ने तीन लोगों को कुचलकर मौत के घाट उतार दिया। इस दर्दनाक हादसे में एक महिला ने अपने पति को खुद अपनी आंखों के सामने हाथियों के पैरों तले रौंदते देखा।

पत्नी ने पेड़ पर चढ़कर बचाई जान, पति की आंखों के सामने हुई मौत

सनौसी गांव के रहने वाले उमेश कोल अपनी पत्नी के साथ जंगल में तेंदूपत्ता तोड़ने गए थे। तभी बांधवगढ़ की ओर से आए दो जंगली हाथियों ने उन पर हमला कर दिया। उमेश की पत्नी किसी तरह भागकर पास के एक पेड़ पर चढ़ गई, लेकिन उमेश को हाथियों ने पकड़ लिया।
महिला की चीख-पुकार और मदद की गुहार के बावजूद उमेश की मौके पर ही मौत हो गई। महिला को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया, लेकिन उसके सामने घटी इस दर्दनाक घटना ने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया।

डोडा जंगल में महिला की मौत

पहली घटना के कुछ ही देर बाद, करीब एक किलोमीटर दूर डोडा के जंगल में एक और महिला की जान हाथियों ने ले ली।
45 वर्षीय देवगनिया बैगा, पत्नी एतु, भी तेंदूपत्ता तोड़ रही थीं, जब जंगली हाथियों ने उन्हें घेर लिया। वह चीखती रही लेकिन कोई सहायता नहीं पहुंच सकी और हाथियों ने उन्हें कुचलकर मार डाला।

13 किलोमीटर दूर तीसरी मौत से मचा हड़कंप

जब पुलिस और वन विभाग की टीम पहली दो घटनाओं की जांच में जुटी थी, तभी तीसरी मौत की खबर ने सबको चौंका दिया।
यह घटना पहले दो स्थलों से करीब 13 किलोमीटर दूर घटी, जहाँ 80 वर्षीय मोहनलाल पटेल को भी हाथियों ने कुचलकर मार डाला।
एसडीओ रेशम सिंह धुर्वे के मुताबिक, मोहनलाल भी तेंदूपत्ता संग्रहण के लिए जंगल में गया था।

ग्रामीणों में दहशत, वन विभाग अलर्ट

लगातार हो रही हाथी हमलों की घटनाओं से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
ब्यौहारी के जंगलों में दो दर्जन से अधिक जंगली हाथियों का दल बीते कई महीनों से सक्रिय है। इनकी निगरानी के लिए तीन विशेष वन विभागीय टीमें तैनात की गई हैं।

वन विभाग के अनुसार, सोमवार को जो हाथी हमलावर बने, वे बांधवगढ़ जंगल से निकलकर बनास नदी पार करते हुए संजय गांधी टाइगर रिजर्व की ओर जा रहे थे।
इस दौरान रास्ते में पत्ती तोड़ रहे ग्रामीण इनके शिकार बन गए।

मुआवजा और कार्यवाही का आश्वासन

वन विभाग द्वारा मृतकों के परिजनों को तत्काल राहत स्वरूप 50-50 हजार रुपए की सहायता राशि प्रदान की गई है।
पुलिस और वन विभाग ने क्षेत्र में गश्त और निगरानी बढ़ा दी है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न दोहराईं जाएं।


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