MP OBC Reservation Update: 13% होल्ड पदों पर अब हाई कोर्ट में होगी सुनवाई, सुप्रीम कोर्ट से अभ्यर्थियों को बड़ी राहत
जबलपुर।
मध्य प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए आरक्षित 13 प्रतिशत पदों को होल्ड किए जाने के विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि प्रभावित अभ्यर्थी अब अपनी शिकायतों को लेकर दोबारा मध्य प्रदेश हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटा सकते हैं।
न्यायमूर्ति एम.एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति एन.के. सिंह की युगलपीठ ने याचिका में सीधे हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए याचिकाकर्ताओं को हाई कोर्ट में अपील करने की स्वतंत्रता प्रदान की। इस फैसले को हजारों OBC अभ्यर्थियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
पहले हाई कोर्ट ने सुनवाई से किया था इनकार
यह मामला तब सुप्रीम कोर्ट पहुँचा, जब इससे पहले मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने इन अभ्यर्थियों की याचिकाओं पर सुनवाई करने से मना कर दिया था।
राहत न मिलने पर जबलपुर की भावना यादव, शिवपुरी के शक्ति पाल और रतलाम के विजेंद्र सिंह सहित अन्य अभ्यर्थियों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी।
अब सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद इन अभ्यर्थियों को हाई कोर्ट में फिर से अपनी कानूनी लड़ाई शुरू करने का मौका मिल गया है।
प्राथमिक शिक्षक भर्ती और 13% पदों का विवाद
याचिकाकर्ताओं की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर और वरुण ठाकुर ने कोर्ट में दलील दी कि यह पूरा मामला मुख्य रूप से प्राथमिक शिक्षक भर्ती से जुड़ा हुआ है।
मध्य प्रदेश में महाधिवक्ता (Advocate General) के कानूनी अभिमत के आधार पर OBC वर्ग के लिए आरक्षित कुल पदों में से 13 प्रतिशत पदों को होल्ड कर दिया गया था।
इसके चलते चयनित होने के बावजूद कई अभ्यर्थी अब तक नियुक्ति से वंचित हैं।
निरस्त याचिकाओं का दिया गया हवाला
अधिवक्ताओं ने कोर्ट को बताया कि जिस याचिका के आधार पर इन 13 प्रतिशत पदों को होल्ड करने का आदेश दिया गया था, वह याचिका 28 जनवरी 2025 को पहले ही निरस्त हो चुकी है।
इसके अलावा, सुप्रीम कोर्ट से भी संबंधित याचिका खारिज हो चुकी है।
ऐसे में इन पदों को रोक कर रखने का अब कोई ठोस कानूनी आधार नहीं बचता।
हजारों उम्मीदवारों को न्याय की उम्मीद
सुप्रीम कोर्ट के इस ताजा रुख के बाद अब मध्य प्रदेश हाई कोर्ट में इन लंबित पदों पर नियुक्तियों को लेकर फिर से सुनवाई का रास्ता साफ हो गया है।
इस फैसले से हजारों चयनित OBC अभ्यर्थियों को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है और जल्द नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होने की संभावना बढ़ गई है।








