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विश्व पर्यावरण दिवस पर CM ने शुरू किया ‘एक पेड़ माँ के नाम..

विश्व पर्यावरण दिवस 2026: सीएम डॉ. मोहन यादव ने ‘एक पेड़ माँ के नाम 2.0’ अभियान का किया शुभारंभ, 11 राज्य स्तरीय पर्यावरण पुरस्कार वितरित

भोपाल। विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम के दौरान “एक पेड़ माँ के नाम 2.0” अभियान का विधिवत शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की और प्रदेशवासियों से पर्यावरण संरक्षण के लिए अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का आह्वान किया।

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कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सभागार परिसर में स्वर्ण चंपा, सीता अशोक, रामफल और आंवला के पौधे रोपकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि प्रकृति और पर्यावरण का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। “एक पेड़ माँ के नाम 2.0” अभियान केवल वृक्षारोपण कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति जनभागीदारी और संवेदनशीलता का प्रतीक है।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सर्कुलर इकॉनॉमी से संबंधित पांच नए कोर्स मॉड्यूल्स का विमोचन किया। साथ ही एप्को और इन्टैक द्वारा संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत प्रदेश के 16 जिलों की 500 बावड़ियों के प्रलेखन दस्तावेज भी जारी किए गए। यह पहल जल संरक्षण और पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम स्थल पर लगाई गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। प्रदर्शनी में पर्यावरण संरक्षण, जल संवर्धन, सर्कुलर इकॉनॉमी, कचरा प्रबंधन और सतत विकास से जुड़े नवाचारों एवं सफल मॉडलों को प्रदर्शित किया गया था। मुख्यमंत्री ने इन प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने वर्ष 2024-25 के लिए आठ विभिन्न श्रेणियों में कुल 11 राज्य स्तरीय पर्यावरण पुरस्कार भी प्रदान किए। ये पुरस्कार पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, जल संरक्षण और सतत विकास के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली औद्योगिक इकाइयों, शैक्षणिक संस्थाओं, सामाजिक संगठनों तथा व्यक्तियों को दिए गए।

राज्य स्तरीय इस आयोजन में विभिन्न विभागों के अधिकारी, पर्यावरणविद्, सामाजिक कार्यकर्ता, छात्र-छात्राएं और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना और प्रदेश में हरित विकास को प्रोत्साहित करना रहा।https://m.facebook.com/story.php?story_fbid=pfbid05i3Hxtxy4CsPSBCvcgjYgLvpPKUTGs2RSFCERphtJzJwWmWZwR2rCav7p77KxQf4l&id=61553771941900&mibextid=ZbWKwL

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