गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति के लिए एमपी ट्रांसको का बड़ा कदम
सीधी जिले के पाँचों सबस्टेशनों सहित प्रदेश के 412 सबस्टेशनों में कैपेसिटर बैंक स्थापित
भोपाल/सीधी।
मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) ने उपभोक्ताओं को मानक वोल्टेज पर गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराने की दिशा में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। कंपनी ने अपने 417 सबस्टेशनों में से 412 पर विभिन्न क्षमताओं के कैपेसिटर बैंक स्थापित और सक्रिय कर दिए हैं।
ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने एमपी ट्रांसको की इस उपलब्धि की सराहना करते हुए कहा कि कैपेसिटर बैंकों की व्यवस्था से प्रदेशवासियों को अब अधिक स्थिर वोल्टेज और उच्च गुणवत्ता की बिजली आपूर्ति मिल रही है।
सीधी जिले के पाँचों सबस्टेशनों में स्थापित
सीधी जिले में भी इस दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। जिले के पाँचों एक्स्ट्रा हाई टेंशन सबस्टेशनों पर कुल 84 एमवीएआर क्षमता के कैपेसिटर बैंक लगाए गए हैं।
- 220 केवी उपकेंद्र सीधी – 12 एमवीएआर
- 132 केवी उपकेंद्र सीधी – 24 एमवीएआर
- 132 केवी उपकेंद्र मड़वास – 12 एमवीएआर
- 132 केवी उपकेंद्र सिहावल – 12 एमवीएआर
- 132 केवी उपकेंद्र रामपुर नैकिन – 24 एमवीएआर
प्रदेश में कुल 751 कैपेसिटर बैंक
प्रदेश स्तर पर एमपी ट्रांसको के 751 कैपेसिटर बैंक सक्रिय हैं। इनमें
- 220 केवी सबस्टेशनों पर 145 केवी स्तर के 32 कैपेसिटर बैंक
- 132 केवी सबस्टेशनों पर 36 केवी स्तर के 719 कैपेसिटर बैंक शामिल हैं।
इनकी संयुक्त स्थापित क्षमता 9278.5 एमवीएआर है, जिससे उपभोक्ताओं को स्थिर और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है।
पुराने बैंकों का प्रतिस्थापन
मुख्य अभियंता अमर कीर्ति सक्सेना ने बताया कि कंपनी ने 52 पुराने कैपेसिटर बैंकों की पहचान की है, जिनकी समयावधि पूरी हो चुकी है। इनकी जगह अधिक क्षमता वाले नए कैपेसिटर बैंकों की स्थापना का कार्य तेज गति से किया जा रहा है।
क्यों जरूरी हैं कैपेसिटर बैंक
सबस्टेशनों से बिजली आपूर्ति के दौरान पावर ट्रांसफार्मरों पर इंडक्टिव लोड बढ़ जाता है, जिससे वोल्टेज में गिरावट आती है और बिजली की गुणवत्ता प्रभावित होती है। कैपेसिटर बैंक इस प्रभाव को संतुलित कर पावर फैक्टर सुधारते हैं और उपभोक्ताओं को विश्वसनीय एवं मानक वोल्टेज पर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करते हैं।








