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बिस्तर बिछाने वाले को मिला लेखपाल का काम, अधिकारियों को जेब में रखने का भरता है दम….

बिस्तर बिछाने वाले को मिला लेखपाल का काम, अधिकारियों को जेब में रखने का भरता है दम….

सीधी/सिहावल। जिले के सिहावल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्था एक बार फिर सुर्खियों में है। यहां स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति ‘अजब भी है और गजब भी’, क्योंकि यहां मरीजों की सेवा करने वाला वार्ड बॉय अब भुगतान शाखा का जिम्मेदार बन बैठा है और खुद ऑर्डर सीट तक लिख रहा है। यह मामला न केवल स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है बल्कि यह भी दिखाता है कि राजनीतिक संरक्षण प्राप्त व्यक्ति नियम-कायदों को कैसे ताक पर रख रहे हैं।

मामला सूर्यकांत तिवारी नाम के वार्ड बॉय से जुड़ा है, जो मूल रूप से अमिलिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ हैं। रीवा संभागीय संयुक्त संचालक डॉ. बी.एल. मिश्रा द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया था कि तिवारी को जननी सुरक्षा योजना के तहत कार्य संचालन के साथ ब्लॉक स्तरीय रोग कल्याण समिति में लेखपाल के कार्य में सहयोग हेतु रखा गया है। लेकिन अब यही वार्ड बॉय न केवल भुगतान शाखा का हिसाब-किताब देख रहे हैं बल्कि अपने हाथों से ऑर्डर सीट भी तैयार कर रहे हैं।

ऑडियो वायरल — बड़े अफसरों तक का ट्रांसफर कराने का दावा
इस पूरे प्रकरण को और गंभीर तब बना दिया जब सूर्यकांत तिवारी और एक लेखपाल के बीच की बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। ऑडियो में तिवारी खुद को प्रभावशाली बताते हुए यह कहते सुने जा रहे हैं कि वह बड़े अफसरों के ट्रांसफर तक तय करवा सकते हैं। ऑडियो में उनकी कथित बातचीत से यह भी संकेत मिलता है कि भुगतान और काम करवाने में कमीशन का खेल चलता है और खेल में तिवारी कहीं न कहीं अहम रोल में हैं।

आदेश की खुलेआम अवहेलना
रीवा संयुक्त संचालक के आदेश के बावजूद तिवारी अभी भी सिहावल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सहायक लेखापाल का कार्य संभाल रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के नियमों के अनुसार, वार्ड बॉय का कार्य केवल मरीजों की देखभाल, बिस्तर साफ करना और वार्ड व्यवस्था तक सीमित होता है, लेकिन यहां एक वार्ड बॉय एकाउंट विभाग की फाइलों और भुगतान आदेशों पर हस्ताक्षर करता पाया जा रहा है।

पहले भी वायरल हुआ था ऑडियो, फिर भी कार्रवाई नहीं
यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी जगन्नाथ सिंह और सूर्यकांत तिवारी के बीच का एक ऑडियो वायरल हुआ था, जिसमें कई वित्तीय अनियमितताओं की बात सामने आई थी। मगर उस वक्त भी मामला राजनीतिक संरक्षण के चलते ठंडे बस्ते में चला गया।

स्वास्थ्य व्यवस्था भगवान भरोसे
स्थानीय लोगों का कहना है कि सिहावल क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं भगवान भरोसे हैं। यहां डॉक्टरों से लेकर कर्मियों तक पर नेताओं का दबाव साफ झलकता है। कई बार शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती।

खंड चिकित्सा अधिकारी का पक्ष
खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. रामभूषण पटेल ने बताया कि “ज्वाइंट डायरेक्टर रीवा के आदेश पर सूर्यकांत तिवारी वर्तमान में सिहावल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सहायक एकाउंटेंट का कार्य देख रहे हैं।”

अब सवाल यह है कि जब मरीज के बिस्तर बिछाने वाला कर्मचारी ही भुगतान शाखा का हिसाब-किताब देखने लगे, तो स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीरता और पारदर्शिता कितनी बची रह जाएगी?

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