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अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव: सीधी में 1100 विद्यार्थियों ने किया सामूहिक सस्वर गीता पाठ

अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव: सीधी में 1100 विद्यार्थियों ने किया सामूहिक सस्वर गीता पाठ

सीधी। अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के अवसर पर रविवार को सीधी के पूजा पार्क में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देशानुसार पूरे प्रदेश में आयोजित हो रहे समारोह की तरह सीधी में भी गीता जयंती का गरिमामय आयोजन देखने को मिला। मुख्य आकर्षण रहा 1100 विद्यार्थियों, वेदपाठी आचार्यों तथा अधिकारियों द्वारा श्रीमद्भगवद्गीता के 15वें अध्याय का सामूहिक सस्वर पाठ। गूंजते श्लोकों ने पूरे परिसर को आध्यात्मिक माहौल और सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया।

अधिकारियों की सहभागिता से बढ़ी कार्यक्रम की गरिमा

कार्यक्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी शैलेन्द्र सिंह सोलंकी, अपर कलेक्टर बी.पी. पाण्डेय, संयुक्त कलेक्टर राजेश शुक्ला, एसडीएम गोपद बनास राकेश शुक्ला, कार्यक्रम प्रभारी डिप्टी कलेक्टर प्रियल यादव, नोडल अधिकारी पी.के. सिंह, जिला जनसंपर्क अधिकारी मुकेश मिश्रा और संस्कृत प्रभारी सतीश पाण्डेय सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों ने विद्यार्थियों के साथ सस्वर गीता पाठ कर कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया।

गीता जीवन का सार्वभौमिक मार्गदर्शक — वक्ता

विश्व गीता प्रतिष्ठानम के जिला प्रमुख एडवोकेट महेंद्र शुक्ला और करुणेश तिवारी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि गीता केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन को अनुशासित, उद्देश्यपूर्ण और नैतिक बनाने वाली मार्गदर्शिका है। उन्होंने समाज में सदाचार, कर्तव्यपालन और मूल्यों के संवर्धन में गीता की उपयोगिता पर प्रकाश डाला।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन

विद्यालयीन छात्र-छात्राओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन प्रसंगों पर आधारित झांकियाँ, नृत्य और गीत प्रस्तुत किए, जिनसे कार्यक्रम में भक्ति और संस्कृति का सुंदर संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम में उपस्थित आचार्यों का साल और श्रीफल से सम्मान कर उन्हें विशेष आदरांजलि अर्पित की गई।

समुदाय में जागी सांस्कृतिक एकता

अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव का उद्देश्य गीता के ज्ञान, धर्म, योग और कर्तव्यपालन के संदेश को समाज तक पहुँचाना है। जिला प्रशासन, शैक्षणिक संस्थाओं और समाज के विभिन्न वर्गों की संयुक्त भागीदारी ने इस उद्देश्य को सीधी में सफलतापूर्वक अभिव्यक्त किया।
सामूहिक सस्वर पाठ ने युवाओं में आध्यात्मिक ऊर्जा, अनुशासन और एकाग्रता बढ़ाने के साथ ही समाज में सकारात्मक वातावरण और सांस्कृतिक एकता की भावना को मजबूत किया।

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