प्रेस वार्ता में गूंजी विकास की गाथा, दो साल में बदला मध्यप्रदेश का परिदृश्य

सीधी-प्रदेश सरकार के दो वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रदेश के कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) एवं जिले के प्रभारी मंत्री श्री दिलीप जायसवाल ने सरकार की दो साल की विकास यात्रा को विस्तार से साझा किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश ने विकास, जनकल्याण और सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति की है। सरकार का हर निर्णय आमजन के जीवन स्तर को बेहतर बनाने की दिशा में केंद्रित रहा है।
प्रभारी मंत्री श्री जायसवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री की दूरदर्शी सोच और सशक्त नेतृत्व से प्रदेश में विकास कार्यों को नई गति मिली है। जनकल्याण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और शासन इस दायित्व का पूरी प्रतिबद्धता के साथ निर्वहन कर रहा है। उन्होंने लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि मीडिया सरकार और जनता के बीच सेतु का कार्य करती है, जिससे सतत संवाद के माध्यम से जनहित के कार्यों को मजबूती मिलती है।
उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार “विरासत से विकास” की सोच के साथ आगे बढ़ रही है। रानी अवंतीबाई लोधी, रानी दुर्गावती और रानी अहिल्याबाई होलकर जैसी महान विभूतियों से प्रेरणा लेकर विकास की दिशा तय की जा रही है। सनातन संस्कृति से गहरे जुड़ाव के चलते पर्व और धार्मिक आयोजनों को प्रदेशवासियों के साथ सहभागिता के रूप में मनाया जा रहा है।
जलगंगा अभियान बना जनआंदोलन
प्रभारी मंत्री ने बताया कि 30 मार्च से 30 जून 2025 तक चले जलगंगा संवर्धन अभियान ने जल संरक्षण को जनआंदोलन का रूप दिया। खेत-तालाब, कुओं का रिचार्ज और अमृत सरोवरों का निर्माण किया गया। इस अभियान में खंडवा जिला प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा। “एक पेड़ मां के नाम” और “एक बगिया मां के नाम” जैसे अभियानों से पर्यावरण संरक्षण के साथ भावनात्मक जुड़ाव भी मजबूत हुआ।
आर्थिक मजबूती और निवेश में तेजी
उन्होंने कहा कि वर्ष 2028-29 तक प्रदेश के बजट को दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। शून्य आधारित बजटिंग और त्रि-वर्षीय रोलिंग बजट व्यवस्था अपनाकर मध्यप्रदेश देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होने जा रहा है। वर्ष 2025 को उद्योग वर्ष के रूप में मनाया गया, ग्लोबल इन्वेस्टर समिट से रिकॉर्ड निवेश प्रस्ताव मिले और प्रदेश देश में तीसरे स्थान पर रहा। 10 औद्योगिक पार्क, 4 पीएम मित्रा पार्क, 4900 से अधिक स्टार्टअप और एक्सपोर्ट प्रमोशन पॉलिसी 2025 से औद्योगिक विकास को बल मिला है।
कृषि, रोजगार और ग्रामीण विकास
मंदसौर और नरसिंहपुर में आयोजित कृषि उद्योग समागमों से हजारों करोड़ रुपये के निवेश और रोजगार के अवसर सृजित हुए। प्रदेश दलहन उत्पादन में देश में प्रथम, खाद्यान्न में द्वितीय और तिलहन में तृतीय स्थान पर है। किसानों के हित में फसल बीमा, मंडियों के आधुनिकीकरण और विपणन विस्तार जैसे निर्णय लिए गए हैं।
गरीब, श्रमिक और सामाजिक सुरक्षा
स्वामित्व योजना से लाखों परिवारों को संपत्ति अधिकार मिले। संबल योजना 2.0 के तहत करोड़ों श्रमिकों का पंजीयन कर डीबीटी के माध्यम से सहायता दी गई। पेंशन, ई-स्कूटर सहायता सहित अन्य योजनाओं से कमजोर वर्गों को सशक्त किया गया।
शिक्षा, स्वास्थ्य और अधोसंरचना
अनुसूचित जनजाति वर्ग के विकास के लिए बजट में 23 प्रतिशत से अधिक वृद्धि की गई है। छात्रवृत्ति अवधि बढ़ाकर 12 माह की गई। सांदीपनि विद्यालयों का विस्तार, लैपटॉप सहायता, नए विश्वविद्यालय, मेडिकल कॉलेजों की संख्या में वृद्धि और पीएम श्री एयर एम्बुलेंस सेवा से शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं सुदृढ़ हुई हैं। वहीं, सड़कों, पुलों, मेट्रो और हवाई सेवाओं के विस्तार से प्रदेश की कनेक्टिविटी मजबूत हुई है।
सीधी जिले की उपलब्धियां
प्रभारी मंत्री ने बताया कि बघवार से रामपुर नैकिन रेल परियोजना का सफल ट्रायल, 282 किलोमीटर सड़क निर्माण, 10 सांदीपनि विद्यालयों का संचालन और जल जीवन मिशन के तहत 1025 ग्रामों को पेयजल उपलब्ध कराना सीधी जिले की बड़ी उपलब्धियां हैं।
पत्रकार वार्ता के अंत में प्रभारी मंत्री श्री दिलीप जायसवाल ने कहा कि सरकार के दो वर्ष विकास, विश्वास और जनकल्याण की मजबूत आधारशिला हैं और आने वाले वर्षों में मध्यप्रदेश को देश के अग्रणी राज्यों की पंक्ति में स्थापित करने के लिए सरकार पूरी प्रतिबद्धता से कार्य करती रहेगी।
पत्रकार वार्ता में विधायक सीधी श्रीमती रीती पाठक, विधायक सिहावल श्री विश्वामित्र पाठक, कलेक्टर श्री स्वरोचिष सोमवंशी, पुलिस अधीक्षक श्री संतोष कोरी, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री शैलेन्द्र सिंह सोलंकी सहित जिले के प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया प्रतिनिधि उपस्थित रहे।








