थानों में कर्मचारियों की पदस्थापना को लेकर पुलिस मुख्यालय भोपाल ने जारी किए सख्त निर्देश
सभी जिलों से 16 जून तक मांगी गई रिपोर्ट
भोपाल। पुलिस व्यवस्था को प्रभावी, पारदर्शी और जनता केंद्रित बनाने के लिए मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय, भोपाल ने प्रदेश के सभी जिलों में थानों में पदस्थ कर्मचारियों की पदस्थापना को लेकर अहम निर्देश जारी किए हैं। जारी आदेश में कहा गया है कि थानों में आरक्षक से उप निरीक्षक स्तर तक के कर्मचारियों की पदस्थापना की समय-सीमा और शर्तों का पालन सुनिश्चित किया जाए।
मुख्य बिंदु:
???? चार और पांच वर्ष की सीमा तय – किसी भी एक थाने में किसी भी कर्मचारी की पदस्थापना सामान्यतः 4 वर्ष और अधिकतम 5 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए।
???? पुनः पदस्थापना पर रोक – किसी अधिकारी/कर्मचारी को एक बार स्थानांतरण के बाद उसी थाने में पुनः पदस्थ नहीं किया जाएगा।
???? ई-आपराधिक सूची का पालन अनिवार्य – मुख्यालय द्वारा प्रेषित ई-आपराधिक सूची में शामिल कर्मचारियों को थानों में किसी भी स्थिति में पदस्थ नहीं किया जाएगा।
???? पूर्व स्वीकृति आवश्यक – यदि किसी कर्मचारी को विशेष परिस्थिति में पुराने थाने में पदस्थ करना है तो पुलिस मुख्यालय की पूर्व अनुमति अनिवार्य होगी।
???? स्थानांतरण के साथ अद्यतन सूचना भी आवश्यक – सभी स्थानांतरण की अद्यतन जानकारी पुलिस मुख्यालय को अनिवार्य रूप से भेजना होगी।

16 जून तक रिपोर्ट देने के निर्देश
आदेश में सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों से यह भी कहा गया है कि वे अपने जिले के प्रत्येक थाने में आरक्षक से उप निरीक्षक तक की पदस्थापना की समीक्षा कर 16 जून 2025 तक रिपोर्ट ईमेल के माध्यम से aig_admin2@mppolice.gov.in पर सहायक पुलिस महानिरीक्षक (कार्मिक) को भेजें।
प्रशासनिक पारदर्शिता की ओर बड़ा कदम
इस निर्णय को पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली को अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इससे पुलिसकर्मियों की जवाबदेही बढ़ेगी और जनता की शिकायतों की संभावना भी कम होगी।








