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तबादलों की उलटी गिनती शुरू — बचे सिर्फ दो दिन, कई विभागों की सूचियाँ अब भी अधूरी

तबादलों की उलटी गिनती शुरू — बचे सिर्फ दो दिन, कई विभागों की सूचियाँ अब भी अधूरी

भोपाल। मध्यप्रदेश में तबादला सत्र अब समापन की ओर है। केवल दो दिन शेष हैं — सोमवार 16 जून और मंगलवार 17 जून। इसके बाद राज्य सरकार की तबादला प्रक्रिया पर फिर से प्रतिबंध लग जाएगा। साफ कर दिया गया है कि इस बार तबादलों की समय-सीमा आगे नहीं बढ़ाई जाएगी। बावजूद इसके, कई बड़े और प्रमुख विभाग अब तक तबादला सूचियाँ जारी नहीं कर पाए हैं, जिससे अंतिम दो दिन में भारी फेरबदल की संभावना बन गई है।

???? स्कूल शिक्षा विभाग बनेगा ‘ट्रांसफर हॉटस्पॉट’

राज्य में सबसे ज्यादा तबादलों की उम्मीद स्कूल शिक्षा विभाग से है। विभाग ने 16 जून तक की डेडलाइन तय की है, और संकेत मिल रहे हैं कि ट्राइबल टीचर्स से लेकर जिला व क्षेत्रीय संयोजकों तक की बड़ी सूची जारी की जाएगी। जनजातीय कार्य विभाग की भी सूची अब तक लंबित है।

???? वन, खनिज और स्वास्थ्य विभागों की फाइलें थमीं

वन विभाग, जिसे लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं गंभीर हैं, उसमें फॉरेस्ट गार्ड से लेकर डीएफओ स्तर तक के तबादले रुके हुए हैं। खनिज संसाधन विभाग में भी जिला खनिज अधिकारी व निरीक्षकों की सूची अधूरी है। स्वास्थ्य विभाग में केवल नर्सिंग स्टाफ की सूची आ सकी है, डॉक्टर, सर्जन और फार्मासिस्टों की नहीं।

???? जीएडी और प्रशासनिक तबादले सबसे बड़ी चिंता

सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) की स्थिति चिंताजनक है। आईएएस, डिप्टी कलेक्टर, संयुक्त कलेक्टर जैसे संवेदनशील पदों के तबादले रुके हुए हैं। 37 अधिकारी अब भी पदोन्नति के बावजूद पुराने पदों पर ही कार्यरत हैं। वहीं, दतिया जैसे जिलों में कलेक्टर का पद भी खाली पड़ा है।

???? मंत्रियों और अधिकारियों की ‘बिना तालमेल की सरकार’

सूचियाँ अटकने का मुख्य कारण मंत्रियों और विभागीय अधिकारियों के बीच तालमेल की कमी को बताया जा रहा है। कई बार ट्रांसफर सूची को लेकर असहमति या संशोधन के कारण फाइलें लंबित हो जाती हैं। मुख्यमंत्री से अनुमोदन नहीं मिल पाने के कारण भी कई संवेदनशील विभागों की सूचियाँ रुकी हैं।

???? 47 दिन का मिला समय, फिर भी लटका काम

सरकार ने इस साल 1 मई से तबादलों की अनुमति दी थी, जो पहले 30 मई तक थी। लेकिन चुनावी दौरे, पीएम मोदी के आगमन और मंत्रियों की मांग के चलते इसे 17 जून तक बढ़ाया गया। इस दौरान कुछ विभागों ने 9-10 जून को तबादले किए भी, लेकिन अब भी 10 से ज्यादा विभागों की सूची अधूरी है।

आखिरी दो दिन राज्य सरकार के तबादला सत्र के लिए निर्णायक होंगे। यदि विभागों ने इन दो दिनों में सूची नहीं निकाली, तो कई अफसर और कर्मचारी फिर महीनों तक फंसे रहेंगे। अब सबकी नजरें शिक्षा, वन और प्रशासनिक विभागों की सूचियों पर टिकी हैं।

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