???? जिला अस्पताल में 4 घंटे तक तड़पता रहा मरीज, न डॉक्टर मिले, न इलाज — स्वास्थ्य तंत्र की खुली पोल
✍️ सीधी ब्यूरो रिपोर्ट
सीधी — ज़िला चिकित्सालय सीधी में मंगलवार शाम को एक बार फिर स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही सामने आई, जब एक मरीज को चार घंटे तक बिना इलाज के तड़पते रहना पड़ा। डेम्हा निवासी और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में अकाउंट असिस्टेंट के पद पर कार्यरत हरि शरण सिंह को एक अज्ञात कीड़े ने काट लिया, जिससे उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई।
परिजनों ने आनन-फानन में उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन वहां जो देखने को मिला, वह किसी त्रासदी से कम नहीं था।
???? 5 बजे से 9 बजे तक डॉक्टर गायब, परिजन बेहाल

हरि शरण सिंह को शाम 5 बजे अस्पताल लाया गया, लेकिन रात 9 बजे तक कोई डॉक्टर उन्हें देखने नहीं आया। उनकी हालत लगातार बिगड़ती रही और परिजन बार-बार डॉक्टर को बुलाने की गुहार लगाते रहे, लेकिन मौजूद स्टाफ ने भी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया।
???? डॉक्टर अपने ‘प्राइवेट क्लिनिक’ में व्यस्त?
मरीज के परिजनों का कहना है कि सरकारी डॉक्टर सरकारी ड्यूटी छोड़ निजी क्लिनिकों में इलाज कर रहे हैं, और अस्पताल की जिम्मेदारियों से पूरी तरह बेपरवाह हो चुके हैं। इस लापरवाही से गुस्साए परिजनों ने कहा कि यह व्यवहार आमजन की ज़िंदगी के साथ सीधा खिलवाड़ है।

???? सिविल सर्जन ने भी नहीं उठाया फोन
जब मरीज की हालत बिगड़ने लगी तो परिजनों ने सिविल सर्जन डॉ. खरे को फोन लगाया, लेकिन उन्होंने कॉल उठाना तक ज़रूरी नहीं समझा। यह रवैया जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़ा सवालिया निशान है।
⚠️ सवाल उठते हैं — जिम्मेदार कौन?
- क्या मरीज की ज़िंदगी इतनी सस्ती हो गई है कि चार घंटे तड़पने के बाद भी डॉक्टर नहीं मिलते?
- अस्पताल में ड्यूटी के दौरान डॉक्टर कहां गायब रहते हैं?
- अगर यही हाल किसी आम आदमी के साथ होता तो क्या कोई सुनवाई होती?
???? परिजनों की मांग – सख्त कार्रवाई हो
हरि शरण सिंह के परिजनों ने इस पूरे मामले की जांच कर दोषी डॉक्टरों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में किसी और मरीज को इस तरह तड़पना न पड़े।
“सरकारी अस्पताल अब इमरजेंसी के नहीं, लापरवाही के केंद्र बनते जा रहे हैं। यह केवल व्यवस्था की कमजोरी नहीं, यह संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है। अगर अब भी प्रशासन जागा नहीं, तो आने वाले समय में अस्पताल सिर्फ इमारतें रह जाएंगी — सेवा और संवेदना गायब।”








