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सीधी में विश्वविद्यालय खोलने की मांग, अजय सिंह ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

सीधी में विश्वविद्यालय खोलने की मांग, अजय सिंह ने मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

सीधी, 18 अगस्त 2025।
पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने सीधी जिले के संजय गांधी स्मृति शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय को विश्वविद्यालय के रूप में अपग्रेड करने की मांग की है। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि सीधी और सिंगरौली जिलों के सभी कॉलेजों को इससे संबद्ध किया जाए।

अजय सिंह ने कहा कि वर्तमान में सीधी और सिंगरौली के छात्रों को परीक्षा व अन्य प्रशासनिक कार्यों के लिए रीवा तक जाना पड़ता है, जो प्रायः 150 किलोमीटर की दूरी है और इसमें 5-6 घंटे तक का समय लग जाता है। इससे छात्रों को निरंतर असुविधा और आर्थिक बोझ उठाना पड़ता है।

उन्होंने याद दिलाया कि वर्ष 1968 में एपीएस विश्वविद्यालय की स्थापना के समय रीवा, सीधी, सतना, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, छतरपुर एवं टीकमगढ़ जिलों के कॉलेज उससे संबद्ध थे। बाद में प्रशासनिक सुविधा को देखते हुए कई जिलों को अन्य विश्वविद्यालयों से जोड़ा गया। हाल ही में शहडोल के पंडित शंभूनाथ शुक्ल शासकीय महाविद्यालय को विश्वविद्यालय में अपग्रेड कर शहडोल, उमरिया और अनूपपुर के कॉलेज उससे संबद्ध किए गए।

प्रदेश में हाल के वर्षों में पाँच नए शासकीय पीजी महाविद्यालयों को विश्वविद्यालय का दर्जा दिया जा चुका है—सागर में रानी अवंतीबाई लोधी विश्वविद्यालय, खरगोन में क्रांतिकारी भील जननायक टंट्या भील विश्वविद्यालय, गुना में तात्या टोपे विश्वविद्यालय, छिंदवाड़ा में राजा शंकरशाह विश्वविद्यालय और शहडोल में पंडित शंभूनाथ शुक्ल विश्वविद्यालय।

छात्रहित में बड़ा कदम होगा

अजय सिंह ने कहा कि सीधी और सिंगरौली के लगभग 50 महाविद्यालयों को यदि सीधी में प्रस्तावित विश्वविद्यालय से संबद्ध किया जाता है, तो आदिवासी बहुल इस क्षेत्र के छात्रों को उच्च शिक्षा, अनुसंधान और प्रशासनिक कार्यों की सुविधा अपने निकट ही मिल सकेगी। इससे छात्रों को छोटी-छोटी समस्याओं के समाधान के लिए रीवा नहीं जाना पड़ेगा और राज्य का ग्रॉस एनरोलमेंट रेशियो (GER) भी बढ़ेगा।

उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील की है कि छात्रहित और लोकहित को ध्यान में रखते हुए संजय गांधी स्मृति शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, सीधी को विश्वविद्यालय का दर्जा प्रदान किया जाए। यह कदम न केवल सीधी-सिंगरौली क्षेत्र में उच्च शिक्षा की पहुँच को आसान बनाएगा, बल्कि प्रदेश की उच्च शिक्षा प्रणाली को भी अधिक सुदृढ़ और समावेशी बनाएगा।

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