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इंद्रप्रस्थ नगर में रोज़ का स्पार्क शो, विभाग के कान पर जूं तक नहीं रेंगी

इंद्रप्रस्थ नगर में रोज़ का स्पार्क शो, विभाग के कान पर जूं तक नहीं रेंगी

सीधी।
वार्ड क्रमांक 1, नई बस्ती इंद्रप्रस्थ नगर के लोग इन दिनों बिजली नहीं, बल्कि “रोज़ाना आतिशबाज़ी” झेल रहे हैं। शाम ढलते ही खंभों और स्विच बोर्डों से चिंगारियां निकलती हैं, घरों में पंखा, कूलर, फ्रिज, एसी तक दम तोड़ चुके हैं, लेकिन बिजली विभाग इतना शांत है मानो यह सब किसी और ग्रह पर हो रहा हो।

न तूफान आया, न बारिश, न ही आसमान में बादल—फिर भी हर शाम बिजली के बोर्ड ऐसे चमकते हैं जैसे किसी शादी-ब्याह का जुगाड़ू पटाखा शो चल रहा हो। लोग अब मज़ाक में कहने लगे हैं—
“बिजली विभाग ने दीपावली एडवांस में शुरू कर दी है।”

तीन दिन में दर्जन भर घरों के उपकरण जल चुके हैं। एक मोहल्लेवाले ने गुस्से में कहा—
“हम बिल भरें या रोज़ मैकेनिक की फीस दें? विभाग के लिए हम उपभोक्ता नहीं, एटीएम मशीन हैं।”

स्मार्ट मीटर लगे हैं, लेकिन उनकी “स्मार्टनेस” सिर्फ बिल बनाने में है। लोग तंज कस रहे हैं—
“ये मीटर स्मार्ट नहीं, चालाक है। बिल में तेज, सेवा में फेल।”

विभागीय कर्मचारी आते हैं, तार देखते हैं, सिर हिलाते हैं और ऐसे गायब हो जाते हैं जैसे किसी जादू के शो में। समाधान तो दूर, पूछने पर यही जवाब मिलता है – “सब ठीक है।”
उधर लोग कह रहे हैं – “अगर यही ठीक है, तो खराब कैसा होगा?”

गृहिणी ममता देवी बोलीं – “बच्चों का दूध खराब हो जाता है, खाना सड़ जाता है। रोज़ का झंझट हो गया है। बिजली विभाग वाले शिकायत सुनकर ऐसे भागते हैं जैसे मुफ्त का काम बता दिया हो।”

लोगों में अब गुस्सा है कि कहीं यह लापरवाही जानलेवा न साबित हो जाए। मोहल्ले के युवाओं ने तो तंज कस दिया—
“सीधी में बिजली विभाग की नई स्कीम – जितना भरो बिल, उतना जलाओ सिल (उपकरण)!”

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