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सीधी:लोकायुक्त की रेड,एक गिरफ्तार,दो की तलाश

सीधी में लोकायुक्त की बड़ी कार्रवाई: आरईएस विभाग की महिला लिपिक 8 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार, दो अधिकारी फरार

सीधी।
लोकायुक्त रीवा टीम ने बुधवार को सीधी जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्रामीण यांत्रिकी सेवा (आरईएस) विभाग की महिला लिपिक नेहा सिंह को 8 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई लोकायुक्त महानिदेशक योगेश देशमुख के सख्त निर्देश और उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन में की गई।

जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत बडखरा 734 तहसील चुरहट निवासी राजकुमार साकेत ने लोकायुक्त कार्यालय रीवा में शिकायत दर्ज कराई थी कि वर्ष 2022-23 में उसके द्वारा पुलिया निर्माण कार्य कराया गया था, जिसकी स्वीकृत राशि 4.64 लाख रुपए थी। इसमें से 2.38 लाख रुपए का भुगतान लगभग छह माह पहले किया गया था, जबकि शेष 2.26 लाख रुपए का भुगतान रोक दिया गया।

भुगतान जारी करने के एवज में आरईएस विभाग के एसडीओ रामाश्रय पटेल, उपयंत्री अखिलेश मौर्य और लेखापाल सहायक ग्रेड-3 नेहा सिंह द्वारा कुल 15 हजार रुपए की रिश्वत की मांग की गई थी।

शिकायत के सत्यापन के बाद लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार पाटीदार के निर्देशन में बुधवार को निरीक्षक उपेंद्र दुबे के नेतृत्व में ट्रैप टीम गठित की गई। टीम ने सीधी जिला मुख्यालय स्थित आरईएस कार्यालय में पहुंचकर लिपिक नेहा सिंह को 8 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ लिया।

कार्रवाई के दौरान एसडीओ रामाश्रय पटेल और उपयंत्री अखिलेश मौर्य मौके से फरार हो गए। लोकायुक्त पुलिस उनकी तलाश कर रही है। तीनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।

ट्रैप दल में उपनिरीक्षक आकांक्षा शुक्ला, प्रआर सुरेश कुमार, मुकेश मिश्रा, शिवलाल प्रजापति, पवन पांडेय, लवलेश पांडेय, मनोज मिश्रा और जितेंद्र सिंह शामिल रहे।

लोकायुक्त की इस कार्रवाई से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। वहीं आमजन ने इस कदम का स्वागत करते हुए कहा है कि ऐसी कार्रवाइयों से भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और ईमानदार कार्यकर्ताओं को न्याय मिलेगा।

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