कुशमहर आदिवासी बस्ती में तीन माह से अंधेरा, ट्रांसफार्मर नहीं बदले जाने पर रोष
सीधी।
सीधी जिले के रामपुर नैकिन जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत कुशमहर के आदिवासी वार्ड क्रमांक सात में पिछले तीन महीनों से बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप है। बस्ती में स्थापित 25 केवीए का ट्रांसफार्मर करीब तीन माह पूर्व जल गया था, जिसे अब तक बदला नहीं गया है। इसके चलते लगभग 46 आदिवासी परिवार अंधेरे में जीवन यापन करने को मजबूर हैं।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि ट्रांसफार्मर जलने के बाद कई बार विद्युत विभाग के कर्मचारियों और जनप्रतिनिधियों को सूचना दी गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। बिजली नहीं होने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है, मोबाइल चार्जिंग जैसी दैनिक जरूरतें भी पूरी नहीं हो पा रहीं और रात के समय पूरी बस्ती अंधेरे में डूबी रहती है।
उपभोक्ता रामरती साकेत ने बताया कि उनका विद्युत कनेक्शन लगभग दस वर्ष पुराना है और पहले नियमित बिजली मिलती थी, लेकिन पिछले तीन महीनों से उनके घर में अंधेरा पसरा हुआ है। कई बार शिकायत के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हुआ। अंततः शनिवार को बस्ती के लोगों ने चुरहट एसडीएम शैलेश द्विवेदी को ज्ञापन सौंपकर जल्द ट्रांसफार्मर बदलने की मांग की।
समाजसेवी ने विभाग और जनप्रतिनिधियों पर उठाए सवाल
खड्डी अंचल के युवा समाजसेवी विनय पांडेय ने विद्युत विभाग और जनप्रतिनिधियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि यह ट्रांसफार्मर किसी प्रभावशाली व्यक्ति या जनप्रतिनिधि की बस्ती में जला होता, तो उसे अब तक बदल दिया गया होता। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के समय आदिवासी समुदाय को याद किया जाता है, लेकिन बाद में उनकी बुनियादी समस्याओं की अनदेखी की जाती है।
उन्होंने यह भी कहा कि बिजली न होने से रात में गहरा अंधेरा रहता है, जिससे विषैले जीव-जंतुओं और जंगली जानवरों का खतरा बना रहता है। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग गंभीरता नहीं दिखा रहा है।
एसडीएम ने दिया आश्वासन
इस संबंध में चुरहट एसडीएम शैलेश द्विवेदी ने बताया कि मामले की जानकारी मिलने के बाद विद्युत विभाग के अधिकारियों से चर्चा की गई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही ट्रांसफार्मर बदलकर बिजली आपूर्ति बहाल कराई जाएगी।








