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चुरहट में लोकायुक्त का जाल, एसडीएम कार्यालय का स्टेनो रिश्वत लेते गिरफ्तार

चुरहट में लोकायुक्त का जाल, एसडीएम कार्यालय का स्टेनो रिश्वत लेते गिरफ्तार

सीधी। भ्रष्टाचार के विरुद्ध सख्त रुख अपनाते हुए लोकायुक्त संगठन ने एक और बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के निर्देश पर तथा उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन में लोकायुक्त संभाग रीवा की टीम ने शुक्रवार 26 दिसंबर 2025 को चुरहट में सफल ट्रैप कार्रवाई की। इस कार्रवाई में एसडीएम कार्यालय चुरहट में पदस्थ स्थायी कर्मी एवं वर्तमान में स्टेनो के पद पर कार्यरत रामहित तिवारी को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।

लोकायुक्त कार्यालय रीवा से प्राप्त जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता गजेंद्र सिंह पटेल, निवासी ग्राम पड़खुरी, थाना चुरहट, जिला सीधी ने 23 दिसंबर 2025 को लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि ग्राम पड़खुरी स्थित उसकी पुस्तैनी भूमि को उसके भाई स्वर्गीय सुरेंद्र पटेल के निधन के बाद भाभी द्वारा अपने नाम दर्ज करा लिया गया था। जबकि स्वर्गीय भाई द्वारा वसीयतनामा के माध्यम से उक्त भूमि दो भाइयों एवं भतीजे के नाम की गई थी।

इस संबंध में वारसाना दर्ज कराने हेतु शिकायतकर्ता द्वारा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, तहसील चुरहट के समक्ष अपील की गई थी, जिस पर एसडीएम द्वारा स्थगन आदेश जारी किया गया। आरोप है कि इस स्थगन आदेश को शिकायतकर्ता के पक्ष में बनाए रखने के एवज में एसडीएम कार्यालय में पदस्थ बाबू रामहित तिवारी द्वारा 50 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की गई। आदेश निरस्त हो जाने के भय से शिकायतकर्ता द्वारा पहले ही 25 हजार रुपये दे दिए गए थे।

शिकायत मिलने पर लोकायुक्त संभाग रीवा के प्रभारी पुलिस अधीक्षक प्रवीण सिंह परिहार के निर्देशन में शिकायत का सत्यापन कराया गया। सत्यापन के दौरान आरोपी द्वारा रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद 26 दिसंबर को लोकायुक्त टीम का गठन कर जाल बिछाया गया।

निर्धारित योजना के तहत चुरहट-बीछी रोड स्थित सरयू प्रसाद प्रजापति की किराना दुकान के बाहर आरोपी को शिकायतकर्ता से 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया। ट्रैप कार्रवाई निरीक्षक एस. राम मरावी के नेतृत्व में की गई, जिसमें उप पुलिस अधीक्षक प्रवीण सिंह परिहार सहित 12 सदस्यीय ट्रैप दल एवं स्वतंत्र शासकीय गवाह शामिल रहे।

आरोपी रामहित तिवारी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) की धारा 7 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

लोकायुक्त संगठन ने स्पष्ट किया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान निरंतर जारी रहेगा। आम नागरिकों से अपील की गई है कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत की मांग करता है तो वे निर्भीक होकर लोकायुक्त कार्यालय रीवा के मोबाइल नंबर 98936 07619 पर शिकायत दर्ज कराएं।

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